नेशनल मीन्स कम मेरिट स्कोलरशिप (NMMS) 2021

नेशनल मीन्स कम मेरिट स्कोलरशिप (NMMS) 2021

केन्द्र प्रायोजित योजना ‘ एन एम एम एस ‘ मई 2008 में शुरू की गयी थी। यह मानव संसाधन विकास मंत्रालय के तहत स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा कार्यान्वित किया जाता है।

इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के
मेधावी विद्यार्थियों को कक्षा 8 में उनक ड्रॉप आउट को रोकते हुए माध्यमिक स्तर पर अध्ययन जारी रखने को प्रोत्साहित करने के लिए छात्रवृति प्रदान करना है।

राज्य सरकार, सरकारी सहायता प्राप्त और स्थानीय निकाय स्कूलों में कक्षा 9 से 12
तक में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिये प्रति वर्ष 12000 रूपये (1000 रू प्रति माह) की छात्रवृति प्रदान की जाती है।

सभी राज्यों/ केन्द्र शासित प्रदेशों के लिये छात्रवृति का एक निर्धारित कोटा है।

ऐसे विद्यार्थी जिनके अभिभावकों की सभी स्रोतों स
पैतृक आय राशि 1,50.000 रू से अधिक नहीं है. छात्रवृति प्राप्त करने के लिये पात्र है। इसमे राज्य सरकार के मानदण्डों के अनुसार आरक्षण है। छात्रवृति के लिये छात्रों का चयन राज्य सरकारों द्वारा आयोजित परीक्षा के माध्यम से किया जाता है।

केन्द्रीय विद्यालय और जवाहर नवोदय विद्यालय में अध्ययन करने वाले छात्र इस योजना के तहत छात्रवृति पाने के हकदार नही है।

इसी प्रकार राज्य सरकार द्वारा संचालित आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाले के छात्र जहां बोर्डिंग, लोजिंग और शिक्षा जैसी सुविधाएं प्रदान की जाती है और निजी विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र भी इस योजना के तहत छात्रवृति के लिये पात्र नहीं है।

एनएमएमएस उद्देश्य

मई 2008 में पहल की गयी एनएमएमएस छात्रवृति का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को अपनी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर की शिक्षा को पूरा करने के लिये प्रेरित करना है। ताकि कक्षा 8 के बाद स्कूलों की ड्रॉप आउट दर मे सुधार हो सके। प्रत्येक वर्ष, कक्षा 8 में अध्ययनरत विद्यार्थी की राज्य स्तर पर चयन परीक्षा होती है। चयन के बाद कक्षा 9-12 के नियमित राजकीय विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थी NMMS छात्रवृति के लाभों को प्राप्त करते है।

एनएमएमएस पुरस्कार

एनएमएमएस मे चयनित विद्यार्थियों को 12000 रू प्रति वर्ष यानि 1000 प्रतिमाह की दर से छात्रवृति मिलती है।

एनएमएमएस छात्रवृति के तहत छात्रवृति की राशि का भुगतान स्टेट बैंक ऑफ इडिया द्वारा एकमुश्त किया जाता है। राशि को सीधे ही विद्यार्थियों के खातों में PFMS द्वारा स्थानांतरित किया जाता है।

प्रत्येक राज्य और केन्द्र शासित प्रदेशों को आवंटित
छात्रवृति की संख्या संबंधित राज्यों में कक्षा 7 एवं 8 में अध्ययनरत विद्यार्थी व उन राज्यों की जनसंख्या के आधार पर किया जाता है।

एनएमएमएस राशि का विवरण निम्नानुसार जारी किया जाता है।
1. NSP पोर्टल पर पंजीकरण उपरांत कक्षा 9 के विद्यार्थियों को नियमानुसार एक शैक्षणिक वर्ष के लिये, एक बार में 12000 रू प्रति वर्ष की छात्रवृति राशि मिलती है।
2. विद्यार्थी की उसकी उच्च माध्यमिक शिक्षा (कक्षा 12) के पूरा होने तक हर साल छात्रवृति का नवीनीकरण NSP पोर्टल पर किया जाता है, बशर्ते उम्मीदवार हर साल उच्च कक्षा में तय प्रतिशत से प्रोन्नति प्राप्त करें।

पात्रता मापदंड

भारत के केवल मेधावी और जरूरतमंद छात्रों के लिए लागू यह मीन्स कम मेरिट छात्रवृति योजना सभी आवेदको को निम्नलिखित पात्रता शर्ते पूरी करने की उम्मीद करती है, जो छात्रवृति प्रदान करने के लिए चयन परीक्षा के लिए पात्र है।

1.उम्मीदवार जो इस एन एम एम एस छात्रवृति के लिए आवेदन करना चाहते है, उन्हें कक्षा 7 से स्पष्ट उतीर्ण होने के बाद कम से कम 55 प्रतिशत या समकक्ष ग्रेड प्राप्त कर, कक्षा 8 में नियमित छात्रों के रूप में अध्ययनरत होना आवश्यक है।

2.उम्मीदवार को सरकारी/ स्थानीय निकाय/ सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों से शिक्षा प्राप्त करना आवश्यक है।

3.उच्च माध्यमिक स्कूल में छात्रवृति जारी रखने के लिए उम्मीदवार को कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा कम से कम 60 प्रतिशत अंको से उत्तीर्ण होना आवश्यक है।

4.कक्षा 12 में छात्रवृति जारी रखने के लिए, छात्रवृति प्राप्तकर्ता को 55 प्रतिशत अंक या समकक्ष के स्कोर के साथ पहले ही प्रयास में कक्षा 11 से स्पष्ट उतीर्णता मिलनी चाहिए। एस सी/ एसटी वर्ग से संबंधित छात्रों के लिए अंको में 5 प्रतिशत की छूट दी गई है।

5. अभिभावक/ माता-पिता की वार्षिक 1.5 लाख से अधिक नही होनी चाहिए।

विवरण पात्रता की शर्त

I.कौन आवेदन कर सकता है : कक्षा 8 में नामांकित छात्र

II.कक्षा 7 में न्यूनतम योग्यता अंक : 55 प्रतिशत (50 प्रतिशत आरक्षित वर्ग के लिए) अथवा कक्षा 7 में प्रथम परख, द्वितीय परख, तृतीय परख तथा अर्द्धवार्षिक परीक्षा के प्राप्तांक जो 55 प्रतिशत या
अधिक हो। (आरक्षित वर्ग के लिए 50

III. अभिभावक/ माता-पिता की वार्षिक : यह 1.5 लाख रूपए से अधिक नहीं होनी चाहिए

IV. छात्रवृति की निरंतरता के लिए : उम्मीदवार को प्रत्येक वार्षिक परीक्षा में 55 प्रतिशत (5 प्रतिशत आरक्षित वर्गआवश्यकताएँ के लिए) प्राप्त करना आवश्यक है। कक्षा 10 बोर्ड में 60 प्रतिशत (55 प्रतिशत आरक्षित वर्ग के लिए) प्राप्त करनाआवश्यक है

V. कौन आवेदन करने के योग्य नहीं है? :

1. जवाहर नवोदय विद्यालय, केन्द्रीय विद्यालय, सैनिक स्कूल के छात्र
2 राज्य सरकार द्वारा संचालित आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र जहाँ बोर्डिंग, ला जिंग और शिक्षा जैसी सुविधाएँ प्रदान की जाती है।
3 निजी विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र

महत्वपूर्ण तिथियाँ

इस मेरिट कम मिन्स छात्रवृति परीक्षा के लिये दिनांक 18-01-2021 से दिनांक 02-02-2021 रात्रि 12 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते है।

NMMS आवेदन प्रक्रिया

NMMS की आवेदन प्रक्रिया दो चरणो में पूर्ण होती है
1. NMMS परीक्षा के लिए आवेदन- परीक्षा के लिए संस्था प्रधान को ऑनलाइन आवेदन शालादर्पण के माध्यम से करना होगा। ऑनलाइन आवेदन कर PEEO/ CRC विद्यालय को फारवड करना है। परीक्षा शुल्क PEEO/ CRC को विद्यालयवार यूपीआई ऐप/ नेट बैंकिंग/ डेबिट कार्ड/ क्रेडिट कार्ड/ बैंक चालान के माध्यम से जमा कराना है। यह शुल्क PEEO द्वारा जमा होगा तथा शुल्क जमा होने के बाद आवेदन का फाइनल सबमिट होगा। आवेदन करने के
बाद हार्डकॉपी निकाल कर आवश्यक दस्तावेज लगाएँ। यह परीक्षा केवल एक ही बार होती है तथा छात्रवृत्ति चार वर्षों तक मिलती है। मूल आवेदन PEEO अपने पास सुरक्षित रखें।
2. छात्रवृत्ति के लिए आवेदन परीक्षा में चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 9 में प्रवेश लेने के बाद NSP (नेशनल स्कोलरशिप पोर्टल) पर पंजोकरण कराना होगा तथा कक्षा 12 तक हर वर्ष नवीनीकरण कराना होगा।

NMMS आवेदन पत्र के लिए आवश्यक दस्तावेज

NMMS आवेदन पत्र के साथ छात्रों को कुछ दस्तावेज संलग्न करने होते हैं। सभी दस्तावेज को स्कूल के संस्थाप्रधान द्वारा सत्यापित करें तथा फार्म के साथ संलग्न करने वाले दस्तावेजो की जाँच करें। इस छात्रवृति का रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन होता है इसलिए विद्यार्थी के सभी दस्तावेजों जैसे आधारकार्ड, बैंक विवरण, शालादर्पण और विद्यालय रिकोर्ड में सभी जानकारियां जैसे नाम, पिता का नाम, जन्म तिथि आदि का मिलान कर लेवें कोई भी जानकारी बेमेल (मिसमेच) होने पर छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिलेगा।
• कक्षा 7 की अंकतालिका/ प्रमाण पत्र (केवल राजकीय विद्यालय में अध्ययनरत, अनिवार्य)/ प्रमाण पत्र योग्यता के सम्बन्ध में पात्रता की दृष्टि से
• जाति प्रमाण पत्र
• माता-पिता का आय प्रमाण-पत्र (अनिवार्य) शिक्षा राजस्थान
• विकलांगता प्रमाण पत्र (यदि लागू होता है)
• राजस्थान का मूल निवास
• आधार कार्ड

NMMS रिजल्ट

• एक बार छात्र चयन परीक्षा में उपस्थित हो जाते हैं तो प्रत्येक जिला उन छात्रों सूची घोषित करता है, जिन्होंने प्रत्येक परीक्षा में कम से कम 40 प्रतिशत अंको के MAT साथ SAT व को उत्तीर्ण किया है एनएमएमएस के लिए छात्रों की अंतिम सूची
का चयन करते समय जिन स्थितियों पर विचार किया जाता हैं, उन्हे नीचे देखें
• नियमों के अनुसार आवेदको को प्रत्येक परीक्षण यानि MAT और SAT में कम से कम 40 प्रतिशत अंक प्राप्त करने चाहिए। हालांकि आरक्षित श्रेणियों के लिए अंकों में छूट हैं उनके लिए इस एनएमएमएस छात्रवृत्ति से लाभ पाने के लिए कट ऑफ अंक 32 प्रतिशत हैं। साथ ही आवेदको को कक्षा 8 की अंतिम परीक्षा में कम से कम 55 प्रतिशत अंक समकक्षा ग्रेड प्राप्त करने चाहिए। इसमें SC/ ST श्रेणी के विद्यार्थियों के लिए 5 प्रतिशत अंकों की छूट हैं।
• उम्मीदवार को एनएमएमएस का लाभ उठाने के लिए सभी पात्रता शर्तों को पूरा करना चाहिए।
• NMMS योजना में राजस्थान राज्य का कोटा 5471 है। अतः छात्रवृत्ति की पात्रता के लिए इसको मेरिट में आना आवश्यक है। राज्य सरकार के नियमानुसार आरक्षण देय है।

NMMS परीक्षा पैटर्न

हालांकि एनएमएमएस-एक केन्द्रीय सरकार की योजना है। इसका चयन प्रत्येक राज्य, केन्द्र शासित प्रदेश द्वारा अपने संबंधित विद्यार्थियों के लिए किया जाता है। इन परीक्षणों में एक मानसिक योग्यता परीक्षण और एक शैक्षिक योग्यता परीक्षण
और एक शैक्षिक योग्यता परीक्षण शामिल हैं जिनके दिशा ।-निर्देश एन सी ई आर टी द्वारा निर्धारित किए गये है। आवेदकों की 90 मिनिट की अधिकतम समय अवधि में प्रत्येक टेस्ट पूरा करना होगा। हालांकि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को टेस्ट पूरा करने के लिए कुछ अतिरिक्त समय दिया जाता है। इस राज्य स्तरीय परीक्षा के बारे में विवरण आगे दिया गया है।

  1. मानसिक क्षमता परीक्षण यह परीक्षण 90 बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से विद्यार्थियों की तर्क क्षमता और
    (MAT) आलोचनात्मक सोच की जांच करता है। अधिकांश प्रश्न समानता, वर्गीकरण, संख्यात्मक
    श्रृंखला, पैटर्न धारणा, छिपे हुए आंकडे आदि जैसे विषयों पर आधारित हो सकते है।
    साथ ही हिन्दी एवं अंग्रजी भाषा के ज्ञान की भी जांच की जाती है।
  2. शैक्षिक योग्यता टेस्ट SAT में विज्ञान, सामाजिक अध्ययन और गणित के विषयों के 90 बहुविकल्पीय प्रश्न होते है।
    (SAT) शिक्षा मंत्रालय सरकार के निर्देशानुसार एनएमएमएस परीक्षा हेतु पाठ्यक्रम निर्धारित नहीं है।
    लेकिन इस परीक्षा हेतु पाठ्यक्रम कक्षा 7 व 8 के स्तर का होगा।
    कक्षा 7 का गत वर्ष का पाठ्यक्रम (जो विद्यार्थी का पढा हुआ है) सम्मिलित है तथा कक्षा
    का इस सत्र (2020-21) संक्षिप्तिकृत पाठ्कम प्रभावी होगा

NMMS परीक्षा शुल्क

सामान्य वर्ग 50 रू और आरक्षित वर्ग (SC/ ST/ निःशक्तजन) के लिए 30 रू. उक्त शुल्क ऑनलाइन ऐप/ नेट बैंकिंग द्वारा जमा करवाना होगा। नकद या अन्य माध्यम से शुल्क स्वीकार नहीं किया जाएगा।
परीक्षा शुल्क संस्था प्रधान द्वारा नकद राशि में पीईईओं को जमा कराना है। पीईईओं अपने क्षेत्र की राशि विद्यालयवार ऑनलाइन जमा करवाकर आवेदन सबमिट करेंगे।
शुल्क जमा करवाने का लिंक-https://www.onlinesbi.com/sbicollectricollecthome.htm?corpID=3022159
अधिक जानकारी के लिए शाला दर्पण पोर्टल पर अवलोकन करें।
https://rajshaladarpan.nic.in/sd3/NMMS/Home.aspx
[email protected]

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